➤ चार नगर निगमों में आज मेयर-डिप्टी मेयर का चुनाव
➤ मंडी में सुमन, धर्मशाला में परवीन और सोलन में अभिषेक सबसे आगे
➤ सोलन में अतिक्रमण विवाद से मेयर चुनाव पर सस्पेंस
हिमाचल प्रदेश के चारों नगर निगमों सोलन, पालमपुर, मंडी और धर्मशाला में सोमवार को नए मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। करीब एक महीने पहले निर्वाचित हुए पार्षद सोमवार को शपथ लेंगे, जिसके बाद मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पालमपुर में कांग्रेस का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि सोलन, मंडी और धर्मशाला में भाजपा के मेयर और डिप्टी मेयर बनने की संभावना सबसे अधिक है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और निर्वाचित पार्षदों की सहमति के बाद ही होगा।
मंडी नगर निगम में मेयर पद के लिए सुमन ठाकुर सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। लगातार तीन बार पार्षद का चुनाव जीत चुकी सुमन को नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का करीबी माना जाता है। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से लगातार संपर्क बनाए रखा है और उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार मंडी में उनके नाम पर सहमति बनने की चर्चा है।
धर्मशाला नगर निगम में भी भाजपा की स्थिति मजबूत है। यहां मेयर पद के लिए स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा के करीबी माने जाने वाले पत्रकार परवीन कुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि हर्ष ओवरॉय भी मेयर पद की दौड़ में शामिल हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की अंतिम सहमति के बाद ही उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगेगी।
पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस के पास बहुमत होने के कारण मेयर पद कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है। यहां रितेश ठाकुर, राधा सूद और रंजीत कौर मेयर पद के प्रमुख दावेदार हैं। तीनों को स्थानीय विधायक आशीष बुटेल का करीबी माना जाता है। कांग्रेस नेतृत्व अंतिम दौर की चर्चा के बाद उम्मीदवार की घोषणा करेगा।
सोलन नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के करीबी अभिषेक ठाकुर को मेयर पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं चार बार की पार्षद सुषमा डिप्टी मेयर पद की प्रमुख दावेदार हैं। लेकिन यहां राजनीतिक समीकरण अचानक बदलते नजर आ रहे हैं।
दरअसल, सोलन में भाजपा के दो नवनिर्वाचित पार्षदों पर अवैध अतिक्रमण के आरोप लगने के बाद मामला गंभीर हो गया है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद मामला डिवीजनल कमिश्नर के पास पहुंच चुका है। यदि दोनों पार्षदों के खिलाफ फैसला आता है तो भाजपा का संख्या बल 10 से घटकर 8 रह जाएगा। इससे नगर निगम का पूरा गणित बदल सकता है। यही वजह है कि सोलन में सोमवार को मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव टलने की भी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस पार्षद चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार भी कर सकते हैं।
इस बार चारों नगर निगमों में मेयर पद अनारक्षित (ओपन) रखा गया है। साथ ही नई व्यवस्था के तहत मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल पूरे पांच वर्ष का होगा। इससे पहले वर्ष 2021 में दोनों पदों का कार्यकाल ढाई-ढाई वर्ष निर्धारित था।
गौरतलब है कि चारों नगर निगमों के लिए 17 मई को मतदान हुआ था और 31 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे। लगभग एक महीने बाद सोमवार को नवनिर्वाचित पार्षद शपथ लेंगे, जिसके बाद मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी। पूरे प्रदेश की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि चारों नगर निगमों की कमान आखिर किन चेहरों के हाथों में जाएगी।



